पुणे न्यूज डेस्क: पुणे महानगरपालिका ने शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर, आधुनिक और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ‘निरोगी पुणे’ पहल के तहत कई अहम योजनाओं की घोषणा की है। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले द्वारा पेश किए गए इस बजट में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और सेवाओं के विस्तार पर खास जोर दिया गया है।
फिलहाल मनपा के तहत 53 ओपीडी केंद्र, 20 प्रसूति गृह, 400 बेड का सामान्य अस्पताल और एक संक्रामक रोग अस्पताल संचालित हैं। इन सभी केंद्रों पर रोजाना करीब 12 हजार बाहरी मरीजों और 300 भर्ती मरीजों का इलाज किया जाता है, जिससे हर साल लगभग 30 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। इसके अलावा हर वर्ष करीब 8,500 प्रसव भी इन अस्पतालों में कराए जाते हैं, जो पूरी तरह निःशुल्क हैं।
बजट में शहरी गरीब योजना और अंशदायी चिकित्सा सहायता के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही कमला नेहरू और अण्णासाहेब मगर अस्पतालों के विस्तार और आधुनिकीकरण की योजना बनाई गई है। शहर में 6 प्रसूति गृह और 5 अस्पतालों को मल्टीस्पेशालिटी अस्पतालों में बदला जाएगा, जहां आईसीयू, एनआईसीयू और उन्नत नर्सिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा वारजे में 350 बेड के नए मल्टीस्पेशालिटी अस्पताल का निर्माण जारी है, जबकि बाणेर में पीपीपी मॉडल के तहत पहला कैंसर अस्पताल शुरू करने की योजना है। यहां अत्याधुनिक ‘लिनियर एक्सेलेरेटर’ तकनीक से इलाज सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। गंगाधाम क्षेत्र में एमआरआई और सीटी-स्कैन जैसी महंगी जांच सुविधाएं भी कम लागत पर उपलब्ध कराने की तैयारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे को बढ़ाते हुए अब प्रसूति गृहों में आईवीएफ उपचार भी शुरू किया जाएगा। वहीं, कैंसर और किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस सहायता सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय दुर्घटना बीमा योजना को भी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
इसके साथ ही भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में इस साल एमबीबीएस का पहला बैच पास आउट होगा। भविष्य में यहां पीजी कोर्स, जेरियाट्रिक केयर सेंटर, आईवीएफ सुविधा और दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष यूनिट शुरू करने की योजना है। नायडू अस्पताल परिसर में छात्रों और स्टाफ के लिए 14 मंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।